इन गतिविधियों ने शिक्षकों को यह सीखने में मदद की कि बच्चों के लिए ऐसा शिक्षण वातावरण कैसे तैयार किया जाए, जहां हर छात्र सुरक्षित, सम्मानित और प्रतिनिधित्व महसूस कर सके। इस कार्यक्रम में शिक्षकों के सुविधा-प्रद (facilitation) कौशल को मजबूत करने, विद्यार्थियों की निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने तथा वास्तविक जीवन के अनुभवों को खेल गतिविधियों से जोड़कर मूल्य-आधारित सीखने को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया संवादात्मक, सहभागी और व्यवहारिक दृष्टिकोण पर आधारित रही, जिससे शिक्षकों को मूल्य शिक्षा को अपनी दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की स्पष्ट रणनीतियाँ प्राप्त हुईं।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सीखी गए अनुभव और सुझाव एचपी फ्यूचर्स परियोजना के तहत “वैल्यूज़ एजुकेशन थ्रू स्पोर्ट” कार्य योजना को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में समावेशी और समानता-आधारित शिक्षण वातावरण को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।