उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में स्पष्ट संकेत दिया था कि भविष्य में आरडीजी की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो सकती है। उस समय वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में विधायक थे। उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी, फिर आज वे अनभिज्ञता का दिखावा क्यों कर रहे हैं? मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तब उन्होंने इस पर क्या रुख अपनाया था।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरडीजी को लेकर झूठा भय और भ्रम फैलाकर कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाना चाहती है। सच्चाई यह है कि वित्त आयोग की सिफारिशें एक दीर्घकालिक ढांचे के तहत आती हैं और राज्यों को पहले से संकेत दिए जाते हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह राजनीतिक बयानबाजी बंद करे और प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए। केंद्र पर अनावश्यक आरोप लगाने के बजाय अपनी आर्थिक नीतियों और खर्च प्रबंधन पर जवाब दे। उन्होंने कहा कि भाजपा तथ्यों के आधार पर बात करती है और आरडीजी के मुद्दे पर भी सच्चाई जनता के सामने लाती रहेगी।