कार्यक्रम में दीनदयाल अस्पताल शिमला की काउंसलर मीनाक्षी मेहता ने मानसिक तनाव, चिंता और भावनात्मक समस्याओं के शुरुआती लक्षणों की पहचान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समय पर परामर्श लेने, सकारात्मक सोच विकसित करने, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। मासिक धर्म स्वच्छता विषय पर प्रतिभागियों को स्वच्छ सैनिटरी उत्पादों के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के प्रति जागरूक किया गया।
हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस के जूनियर/यूथ रेडक्रॉस समन्वयक वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और उन्हें अपने संस्थानों व समुदाय में मानवीय गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।शिविर में 60 विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ परामर्शदाता, संस्थान के स्टाफ और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।