उन्होंने जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण, ठियोग आदि क्षेत्र में धारा 118 के तहत कई आवदेन आ रहे हैं। ऐसे में यहां के फील्ड स्टाफ से लेकर आला अधिकारी सारे दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने के बाद ही आगामी प्रक्रिया को आंरभ करें। ऐसे मामलों में कोई भी कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। उपायुक्त ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की चुनावी प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। ऐसे में सभी एसडीएम निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव करवाना सुनिश्चित करें। चुनावों के दौरान पेश आने वाली दिक्कतों के निराकरण के लिए पहले से ही योजना बनाकर कार्य करें।
अनुपम कश्यप ने कहा कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के प्रभावितों को मिली वित्तीय सहायता का सही ढंग से इस्तेमाल सुनिश्चित करवाने के लिए अधिकारी और फील्ड स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि तीन सालों में आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 541 लोगों को विशेष आपदा राहत पैकेज के तहत वित्तीय सहायता दी गई है। कई घरों के निर्माण के लिए पहली किश्त का सही इस्तेमाल नहीं हो पाया है। ऐसे में संबधित अधिकारी और फील्ड स्टाफ तय मानकों के अनुसार वित्तीय सहायता का सही खर्च करवाना सुनिश्चित करें।
बैठक में एडीएम प्रोटोकाॅल ज्योति राणा, एसडीएम ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश धर्मोत्रा, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, एसडीएम कुमारसैन मुकेश कुमार, एसडीएम शहरी ओशिन शर्मा, एसडीएम ठियोग डॉ शशांक गुप्ता, एसडीएम कोटखाई अभिषेक बरवाल, एसडीएम कुपवी अमन राणा, एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा, एसडीएम डोडरा क्वार कीर्ति चंदेल, जिला राजस्व अधिकारी ( कार्यकारी) शिवानी भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।