उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार 650 शारीरिक शिक्षकों को पटियाला में पांच दिन के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है ताकि छात्र खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 69 नेशनल गेम में हिमाचल के छात्रों ने 8 गोल्ड, 11 सिल्वर और 29 ब्रोंज मेडल हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल में तीन नए खेल छात्रावास खोले गए हैं जिनमें चौपाल में वॉलीबॉल छात्र, शिलाई में कबड्डी छात्रा और घुमारवीं में हैंडबॉल छात्रा का हॉस्टल स्वीकृत हुआ है।
शिक्षा मंत्री ने कहा की 151 सी.बी.एस.ई स्कूल खोले जा रहे हैं जिनमे चौपाल विधानसभा क्षेत्र के लिए 4 सी.बी.एस.ई स्कूल शामिल हैं जिसके तहत चौपाल, नेरवा, कुपवी और बलसन में सी.बी.एस.ई आधारित विद्यालय खोले जायेंगे। इन विद्यालयों के लिए 3468 स्टाफ की भर्ती की जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश में स्पोर्ट्स कोच के 16 पद भरे जाएंगे ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलों का भी बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि हिमाचल पहला राज्य है जहां 12 खेल छात्रावास है, इनको अपग्रेड करने के लिए 15 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी। लगभग 12 वर्षों के बाद वर्तमान प्रदेश सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए 03 राष्ट्र स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई, खिलाडियों की डाइट मनी को दोगुना किया गया, 43 मैडल विभिन्न प्रतियोगिताएं में प्राप्त हुए, अवार्ड मनी में भी अप्रत्याशित वृद्धि की गई है जिससे खिलाडियों को बढ़ावा मिल रहा है।
शिक्षा मंत्री ने पुस्तकालय में किताबों के लिए राशि और स्कूल के लिए डेस्क उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह आश्वासन दिया कि हॉस्टल में कबड्डी खेल शुरू करने और क्षेत्र में इंडोर स्टेडियम व ग्राउंड तथा क्षेत्र की अन्य मांगों को भी पूर्ण करने के प्रयास किये जायेंगे। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय विद्यालय के बच्चों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया और उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना। इस अवसर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष रजनीश किमटा, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा एल. आर. भारद्वाज, प्रिंसिपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौपाल हरी शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण शक्ति नेगी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।