श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का गौरवमयी इतिहास रहा है। इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करके निकले विद्यार्थी देश और दुनिया में अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहका कि यहां के वैज्ञानिकों व अध्ययनरत विद्यार्थियों ने इस विश्वविद्यालय की प्रासंगिकता को अपनी उपलब्धियों के द्वारा सार्थक किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर करती है। कृषि से राज्य के लगभग 62 प्रतिशत कामगारों को रोजगार उपलब्ध होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल राज्य घरेलू उत्पाद का लगभग 9.4 प्रतिशत कृषि तथा इससे संबंधित क्षेत्रों से प्राप्त होता है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के लिए उनकी सराहना करते हुए कहा कि ये उपलब्धियाँ उनकी अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है। साथ ही ये उपलब्धियाँ ग्रामीण विकास, सामाजिक उत्थान एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी प्रभावी रूप से प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में नवीन आयाम स्थापित करते हुए राष्ट्र की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देता रहेगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों का अनुसंधान, प्रयोगशालाओं से किसानों के खेत तक पहुंचे जिससे उन्हें इसका वास्तविक लाभ मिल सके।