कार्यक्रम के दौरान माताओं के चेहरों पर दिखी मुस्कान और बच्चों के उत्साह ने माहौल को भावुक और आनंदमयी बना दिया। प्रधानाचार्य ने मदर्स डे के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत प्राचीन सभ्यताओं से मानी जाती है, जबकि आधुनिक मदर्स डे की नींव अन्ना जार्विस ने 1908 में रखी थी। कार्यक्रम ने मां के महत्व और रिश्तों की मिठास को खूबसूरती से उजागर किया।