शिमला, 08 मई 26 (RHNN) : शिमला के गेयटी थिएटर में “हिम सिने सोसायटी-एक सोच” द्वारा आयोजित लघु फिल्म पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म समीक्षक दीपक दुआ ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और विचारों को दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण, परिवार और सामाजिक चेतना से जुड़े विषयों पर अधिक फिल्में बनाए जाने की जरूरत है। समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल ने कहा कि मनोरंजन के साथ ज्ञान और कर्तव्य बोध कराने वाली लघु फिल्मों का निर्माण समय की मांग है। उन्होंने हिमाचल के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के कलाकार थिएटर और फिल्मों के माध्यम से हिमाचल का नाम रोशन कर रहे हैं। सोसायटी की अध्यक्ष आरती गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता में 28 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। ज्यूरी सदस्य प्रोफेसर शशिकांत और प्रकाश लोहमी ने फिल्मों का मूल्यांकन किया। प्रथम पुरस्कार नाहन के हर्ष को मिला, जबकि अभिमन्यु और प्रांशु बांशा दूसरे स्थान पर रहे। तृतीय पुरस्कार नर्वदा शर्मा, रूपेंद्र ठाकुर और जतिन कुमार को दिया गया। “इंसानों का जंगल” फिल्म के लिए ईशान पुंडीर को स्पेशल ज्यूरी अवार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी संजय सूद ने किया। समारोह में कलाकार, निर्देशक, रंगकर्मी और सोसायटी के सदस्य भी मौजूद रहे।