उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया तथा आर्ट ऑफ लिविंग के सेवा कार्यों की सराहना की। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के साथ आत्मीय क्षण साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं आपका ही हूँ और जहाँ हूँ, वहाँ भी आपकी वजह से ही हूँ,” जिस पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। आर्ट ऑफ लिविंग हिमाचल प्रदेश की राज्य मीडिया कोऑर्डिनेटर तृप्ता शर्मा के अनुसार, माहभर चले इस वैश्विक उत्सव में 182 देशों से एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, सांसद, उद्योगपति, किसान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।