शिमला, 12 मई 26 (RHNN) : पथ परिवहन पेंशनर्ज कल्याण संगठन, हिमाचल प्रदेश की शिमला इकाई की आम सभा में सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जोरदार आक्रोश देखने को मिला। बैठक में लगभग 200 पेंशनरों ने भाग लिया और लंबित मांगों को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पेंशनरों को वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं, समय पर पेंशन भुगतान में देरी हो रही है तथा मेडिकल बिलों का निपटारा भी लंबित पड़ा है। इसके साथ ही 3% डीए की किस्त न मिलने पर भी रोष व्यक्त किया गया।
समयबद्ध समझौतों के बावजूद मांगें अधूरी: शिमला इकाई के अध्यक्ष तरसेम चौधरी ने कहा कि एचआरटीसी पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के साथ 08 जनवरी 2026 को हुई वार्ता में सरकार और निगम प्रबंधन ने 31 मार्च 2026 तक मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मई माह बीतने को है और अभी तक एक भी मांग पर अमल नहीं हुआ है।
वेतन वृद्धि और डीए पर भी नहीं हुआ क्रियान्वयन : उपाध्यक्ष रोशन चौहान ने बताया कि जनवरी 2026 में परिचालकों को 7 वर्ष की दो वेतनवृद्धियां पिछली तिथि से देने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन कई मामलों में फिक्सेशन तक नहीं हो पाई है। वहीं 3% डीए अप्रैल माह से देने के आदेश भी लागू नहीं किए गए।
आंदोलन की चेतावनी, चुनावों में विरोध की बात : राज्य प्रधान देवराज ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि 31 मई 2026 तक सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो जून माह में बड़ा आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों का विरोध किया जाएगा। बैठक में मौजूद सभी पेंशनरों ने एक स्वर में सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।