कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच लंबे समय से मौजूद दूरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालयों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक तकनीकी चुनौतियों के समाधान विकसित करने चाहिए। कॉस्मो फेराइट्स लिमिटेड के महाप्रबंधक संजीव कटोच ने कहा कि यह सहयोग फेराइट आधारित प्रौद्योगिकियों, ईवी मोटर, ईएमआई शील्डिंग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए शोध को बढ़ावा देगा। उन्होंने फेराइट सामग्री को दुर्लभ मृदा तत्वों का किफायती और टिकाऊ विकल्प बताया। एमओयू के तहत दोनों संस्थान फेराइट नैनोमटेरियल, ईवी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत चुंबकीय सामग्री, एंटीना तकनीक और सतत प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त शोध करेंगे। साथ ही छात्रों के लिए इंटर्नशिप, औद्योगिक प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और शोध परियोजनाएं भी संचालित की जाएंगी।