उन्होंने कहा कि वकालत केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी एक महत्वपूर्ण दायित्व है। अधिवक्ताओं को अपने व्यवहार और कार्यशैली से न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आधुनिक कानूनों और तकनीकी बदलावों की जानकारी निरंतर प्राप्त करते रहने का भी आह्वान किया, ताकि वे बदलते समय के अनुरूप अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान नव अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सभी अधिवक्ताओं ने विधि व्यवसाय में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित सदस्य आई. एन. महता, संजीव भूषण, विकास राठौर, तेजस्वी शर्मा, नरेंद्र गुलेरिया, राजीव राय, रंजना पटियाल, वीरबहादुर वर्मा, संजीव सूरी, विक्रांत चंदेल तथा तरुण पठानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी तथा बार एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद रहे।