पर्यटन और बेहतर संपर्क सुविधा को प्रमुखता प्रदान करते हुए ढलीदृनारकंडादृरामपुर सड़क को फोर-लेन राजमार्ग में विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना में सुरंग के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि भूस्खलन से होने वाली क्षति को कम किया जा सके और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाटू माता रोपवे परियोजना के निर्माण की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है और इस परियोजना को नाबार्ड के अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाटू माता सड़क के सुधार कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है और इस कार्य में पेड़ों को कटान से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होगीं।
मुख्यमंत्री ने निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर पंचायत के लिए 50 लाख रुपये प्रदान कर ने की भी घोषणा की। नारकंडा में नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारकंडा में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर विधायक कुलदीप राठौर, देहरा से विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।