शिमला,07 जून 26 (RHNN) : हाटी विकास मंच, हिमाचल प्रदेश ने गिरिपार क्षेत्र सहित देशभर में रह रहे हाटी समुदाय के लोगों से आगामी जनगणना-2027 में अपनी पहचान ‘हाटी जनजाति’ के रूप में दर्ज करवाने का आह्वान किया है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे संघर्ष और संवैधानिक प्रक्रिया के बाद 4 अगस्त 2023 को हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा मिला था, जो उनकी ऐतिहासिक पहचान और संस्कृति की महत्वपूर्ण मान्यता है। मंच के अनुसार जनगणना किसी भी समुदाय की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और विकास योजनाओं का आधार होती है। ऐसे में प्रत्येक हाटी परिवार का दायित्व है कि वह अपनी सही जनजातीय पहचान दर्ज करवाकर समुदाय के अधिकारों को मजबूत बनाए। मंच अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, महासचिव डॉ. अनिल भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना में हाटी समुदाय की वास्तविक संख्या दर्ज होना भविष्य में आरक्षण, जनजातीय अधिकारों और विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवा मंडलों से भी जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।