नई दिल्ली/शिमला,09 जून 26 (RHNN) : हाटी विकास मंच (पंजीकृत) हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के अध्यक्ष माननीय अंतर सिंह आर्या, सदस्य निरुपम चकमा एवं डॉ. आशा लकरा से शिष्टाचार भेंट कर हाटी समुदाय के अधिकारों और गिरिपार क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया। ST दर्जे के क्रियान्वयन पर जोर : प्रतिनिधिमंडल ने हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति दर्जा मिलने को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। साथ ही बताया कि मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने से युवाओं, विद्यार्थियों और कमजोर वर्गों को आरक्षण, छात्रवृत्ति व रोजगार लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। बुनियादी ढांचे और विकास की मांग : मंच ने सोलन–राजगढ़–नौहराधार–हरिपुरधार–रोनहाट–मीनस मार्ग को प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने या राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। इसके अलावा क्षेत्र में छात्रवृत्ति, कौशल विकास, छात्रावास और स्वरोजगार योजनाओं की मांग भी रखी गई। आयोग का आश्वासन : NCST अध्यक्ष एवं सदस्यों ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई और सहयोग का आश्वासन दिया।इस अवसर पर प्रदीप सिंह सिंगटा, डॉ. अनिल भारद्वाज सहित मंच के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।