प्रतिनिधिमंडल ने हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने में केंद्र सरकार और जे.पी. नड्डा की भूमिका के लिए आभार जताया। मंच ने इसे दशकों पुरानी मांग पूरी होने और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। ज्ञापन में कहा गया कि हाटी समुदाय के एसटी दर्जे से संबंधित मामला वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अंतरिम स्थगन आदेश के कारण समुदाय के युवा, विद्यार्थी और अन्य पात्र वर्ग अनुसूचित जनजाति से मिलने वाले लाभों से वंचित हैं। मंच ने केंद्र सरकार से समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक पैरवी सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने गिरिपार क्षेत्र के लिए पृथक जनजातीय उपयोजना के तहत विशेष विकास पैकेज, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, पेयजल और सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण,
रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा सोलन-राजगढ़-नौहराधार-हरिपुरधार-रोनहाट-मीनस सड़क मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने अथवा प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हाटी समुदाय के अधिकारों और विकास संबंधी मांगों के प्रति संवेदनशील है तथा हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।