ब्लड सेंटर डीडीयू की मुख्य वक्ता डॉ. गंगा शर्मा ने रक्तदान को मानव जीवन बचाने वाला पुनीत कार्य बताया और कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति नियमित रक्तदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि रक्त का सुरक्षित भंडारण केवल 35 दिन तक संभव है, जिसके बाद इसे जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया जाता है।
वहीं आईजीएमसी शिमला से आए अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण समन्वयक नरेश कुमार ने अंगदान की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति फॉर्म-7 भरकर अंगदान की शपथ ले सकता है।कार्यशाला में 60 से अधिक जवानों ने भाग लिया।