शिमला, 16 जून 26 (RHNN) : फोर्टिस कैंसर संस्थान, मोहाली में एक 63 वर्षीय महिला का अत्यंत दुर्लभ स्यूडोमायक्सोमा पेरिटोनी (PMP) कैंसर का सफल उपचार साइटोरिडक्टिव सर्जरी (CRS) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC) तकनीक से किया गया है। मरीज पेट में गंभीर सूजन, भूख न लगने और आंतों में गड़बड़ी जैसी समस्याओं से पीड़ित थीं। जांच में अपेंडिक्स से उत्पन्न म्यूकिनस ट्यूमर और पेट की गुहा में जेली जैसे तरल (म्यूकिनस एसाइटिस) का पता चला। इसके बाद ट्यूमर बोर्ड की सलाह पर विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने जटिल CRS-HIPEC सर्जरी की। ऑपरेशन के दौरान पेट से कैंसरग्रस्त ऊतक पूरी तरह हटाए गए और इसके बाद 90 मिनट तक गर्म कीमोथेरेपी दी गई। डॉक्टरों के अनुसार पूरी साइटोरिडक्टिव सर्जरी में लगभग 9 घंटे लगे। मरीज को 10 दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह स्वस्थ जीवन जी रही हैं। यह उपचार Fortis Cancer Institute Mohali में किया गया, जहां पेरिटोनियल सरफेस ऑन्कोलॉजी यूनिट की शुरुआत की गई है। यह क्षेत्र का पहला समर्पित केंद्र बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार Pseudomyxoma Peritonei एक अत्यंत दुर्लभ कैंसर है, जिसका सर्वोत्तम उपचार CRS-HIPEC माना जाता है, जो केवल उच्च विशेषज्ञता वाले केंद्रों में ही संभव है।