आंगनबाड़ी केंद्र कांडा में सरिता देवी, धारली में मीना देवी, माहोटा में पूर्णिमा तथा मड़िऊनी में ममता के मार्गदर्शन में गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार यह पहल बच्चों को सीखने के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार और अभिव्यक्ति कौशल में भी मजबूत बना रही है। बाल विकास परियोजना कार्यालय करसोग का कहना है कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को किताबों से आगे ले जाकर अनुभव आधारित शिक्षा देना है, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। इसमें बच्चों की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है और कहा है कि ऐसे शिविर बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।