शिमला, 06 जुलाई(rhnn) : खलीनी में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित सात दिवसीय भगवान शिव कथामृत के अंतिम दिन नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर ने श्रद्धालुओं को श्रीगणेश उत्पत्ति और महिषासुरमर्दिनी की कथा सुनाते हुए समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता महिषासुरमर्दिनी का प्राकट्य सभी देवताओं की संयुक्त शक्ति से हुआ था, जो इस बात का प्रतीक है कि समाज में आतंक, भेदभाव, द्वेष और नफरत जैसी बुराइयों का अंत भी सामूहिक प्रयासों और एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का परिवार विविधता में एकता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां विपरीत स्वभाव वाले जीव भी प्रेम और समरसता के साथ रहते हैं। उन्होंने ब्रह्मज्ञान को समाज में शांति, सौहार्द और मानवता स्थापित करने का माध्यम बताते हुए कहा कि दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जन-जन में इसी संदेश का प्रसार कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन के साथ हुई, जिसमें यतिन सूद, खेमराज और सपना ठाकुर ने भाग लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप शर्मा परिवार सहित कथा में पहुंचे और व्यास पूजन किया। कथा का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ। आरती में एडीएम शिमला पंकज शर्मा, शैलेन्द्र वर्मा, पंकज पॉल, सतीश कपूर, जिनेन्द्र हनी, एडवोकेट भुवनेश शर्मा तथा विश्व हिन्दू परिषद के राजेन्द्र भारद्वाज और त्रिलोक नाथ शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।