बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को उनके अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे ब्लॉक में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। मुख्य सलाहकार मोहन ठाकुर ने 30 सितंबर तक जमा किए जाने वाले जीवन प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्था करने की मांग उठाई। वहीं प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी और भाग चंद चौहान ने भी पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेंशनर्स के तीन वर्षों से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए बजट का प्रावधान किए जाने का संयुक्त संघर्ष समिति स्वागत करती है। उन्होंने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि एक जनवरी 2016 से पूर्व की लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू होना भी सकारात्मक कदम है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि 31 जुलाई तक एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की कम्यूटेशन, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की शेष 40 प्रतिशत राशि भी शीघ्र जारी की जाए, ताकि सरकार अपने वादे को पूरा कर सके। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष दयानंद चौहान, उपाध्यक्ष जगदीश चौहान, दिनेश वर्मा, कोषाध्यक्ष राम लाल चौहान, संयुक्त सचिव देवेंद्र जस्ता, सुरेश शर्मा, सुनीता घालता, संगठन सचिव सुरेंद्र शर्मा, मुख्य सलाहकार गंगाधर नाथन, सलाहकार जीवन काल्टा सहित 65 पेंशनर्स ने भाग लिया।