प्राचार्य ने विद्यार्थियों से चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग सदैव नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी के साथ होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, सेमेस्टर प्रणाली, डिजिटल लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति योजनाओं, विभिन्न क्लबों और महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से भी अवगत कराया।