शिमला, 14 जुलाई(rhnn) : राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा) में मंगलवार को आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बदलते दौर की शिक्षा, तकनीक और कौशल विकास के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने कहा कि आज की दुनिया में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल दक्षता, नवाचार और संवाद कौशल को अपनाकर ही युवा भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों को बहुआयामी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करती है। छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग सदैव नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी के साथ होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, सेमेस्टर प्रणाली, डिजिटल लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति योजनाओं, विभिन्न क्लबों और महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से भी अवगत कराया।