हमीरपुर/शिमला, 15 जुलाई(rhnn) : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकारी भूमि पर वर्षों पहले बसे गरीब और भूमिहीन लोगों के अतिक्रमण संबंधी मामलों में राहत देने के लिए प्रदेश सरकार नई नीति बनाने पर विचार कर रही है। सरकार इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर रही है और उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को हमीरपुर में करीब 19.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नगर निगम कार्यालय भवन का शिलान्यास तथा 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित दुकानों और ग्रामीण हाट के लोकार्पण के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और प्रोफेसरों की भर्ती की जा रही है। प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण पर 125 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि आम लोगों को कम खर्च पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए अब तक 500 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और जोल सप्पड़ परिसर में इसका संचालन जल्द शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमकेयर योजना बंद नहीं होगी, लेकिन इसके नाम पर हुए घोटालों की जांच कर दोषियों को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में करीब 24 हजार की बढ़ोतरी हुई है तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम हमीरपुर में शामिल नए क्षेत्रों को पांच वर्ष तक करों में छूट दी जाएगी। साथ ही, 130 करोड़ रुपये की लागत से नया बस अड्डा और वर्तमान बस अड्डे की जगह 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिटी सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसमें शॉपिंग, पार्किंग और मनोरंजन सहित सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पुराने कारोबारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।