प्राचार्या डॉ. कमायनी बिष्ट ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रतिभा, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास का मंच भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखते हुए हर शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डॉ. नीरज ने क्रेडिट सिस्टम, डॉ. पूजा ने सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, डॉ. अंजना ने शिकायत निवारण तंत्र, डॉ. सुनील ने अनुशासन एवं मेंटरशिप, डॉ. प्रेमलाल ने यूथ फेस्टिवल और छात्रवृत्ति योजनाओं, श्रीमती उर्मिला शर्मा ने पुस्तकालय सेवाओं तथा श्री अमन ने एड-ऑन कोर्सेज़ की जानकारी साझा की। अंत में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उन्हें महाविद्यालय की सभी छात्र हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।