सोसायटी ने मुख्य रूप से टैक्सी वाहनों के लिए 15 साल के परमिट को दोबारा शुरू करने और साडा टैक्स को बंद करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से इन मांगों को लेकर परेशान हैं और सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परमिट अवधि और अतिरिक्त टैक्स से जुड़े प्रावधानों के कारण टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। इस दौरान टैक्सी ऑपरेटरों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि वे प्रदेश के परिवहन और पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने में अपना योगदान देते रहेंगे।