उपायुक्त अनपुम कश्यप ने कहा कि जिला भर में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां पर कुछ दालों की खरीद काफी कम होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं की फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार सरकार को भेजेंगे ताकि जिन दाले की मांग अधिक है। उचित मूल्यों की दुकानों में वही दाले या अन्य वस्तुएं मिले। उपायुक्त ने बताया कि जिला में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र में व एक चौपाल तहसील के गांव शिलावणी में चल रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वयं सहायता समूहों के सफल प्रयासों को देखकर अन्य समूहों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के उपरांत आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण न करने से संबंधित मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न योजनाओं के तहत खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम 2013 के लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। बैठक में एडीएम लाॅ एंड आर्डर पंकज शर्मा, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एव उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नई उचित मूल्य दुकाने खुलने पर विचार बैठक में जिला के विभिन्न विकास खंडों एवं शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें जुब्बल खंड के गांव कुडडु, भोलाड़, झगटान और नंदपुर, चैपाल खंड के सरैन , नारकंडा खंड के खनेटी, चिड़गांव खंड के गांव सराहन, बसंतपुर खंड के गांव देवीधार और सुन्नी वार्ड न 2, ननखड़ी खंड के गांव खलटुधार, रामपुर के शाह वार्ड 4 और व्यूथल, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई खंड के गांव गरावग, गुम्मा और झड़ग, कुपवी खंड के गांव बाघी वार्ड, टुटू खंड के गांव ढेण्डा सहित विभिन्न क्षेत्रों से के नामों पर चर्चा की गई समिति ने नए प्राप्त मामलों तथा पूर्व में लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।