अध्यापकों ने कहा कि पुस्तकों में पढ़े इतिहास और विरासत को डिजिटल माध्यम से जीवंत रूप में देखना विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रभावी अनुभव है। इस तरह के भ्रमण से बच्चों में अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को समझने और उसके संरक्षण की भावना विकसित होती है। गौरतलब है कि बैंटनी कैसल डिजिटल संग्रहालय प्रदेश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से हिमाचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को आकर्षक एवं संवादात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।