शिमला, 18 जुलाई (rhnn) : हिमाचल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल तकनीक के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के तहत बैंटनी कैसल स्थित डिजिटल संग्रहालय में शनिवार को पोर्टमोर स्कूल के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। संग्रहालय के उद्घाटन के बाद भ्रमण करने वाला राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर पहला विद्यालय बना। विद्यार्थियों और अध्यापकों के दल ने संग्रहालय में आधुनिक डिजिटल तकनीक, इंटरेक्टिव डिस्प्ले, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों और इमर्सिव तकनीक के माध्यम से हिमाचल के इतिहास, पुरातत्व, लोक संस्कृति, कला, स्थापत्य और प्राकृतिक विरासत को करीब से जाना। डिजिटल माध्यम से इतिहास और संस्कृति की प्रस्तुति ने विद्यार्थियों की विशेष रुचि जगाई। अध्यापकों ने कहा कि पुस्तकों में पढ़े इतिहास और विरासत को डिजिटल माध्यम से जीवंत रूप में देखना विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रभावी अनुभव है। इस तरह के भ्रमण से बच्चों में अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को समझने और उसके संरक्षण की भावना विकसित होती है। गौरतलब है कि बैंटनी कैसल डिजिटल संग्रहालय प्रदेश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से हिमाचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को आकर्षक एवं संवादात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।