शिमला, 30 जुलाई (rhnn) : हिमाचल प्रदेश के 76 शहरी निकायों के करीब 2300 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संशोधित पेंशन के लंबित मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में पहल तेज हो गई है। गुरुवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा के नेतृत्व में शहरी विकास विभाग के निदेशक डॉ. नीरज कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान निदेशक डॉ. नीरज कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 300 मामलों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि शेष मामलों के समाधान में तेजी लाने के लिए निदेशालय स्तर पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है। भूपराम वर्मा ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने जून 2026 की बैठक में 76 शहरी निकायों के लगभग 2300 पेंशनरों को 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के आधार पर पेंशन देने को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। हालांकि इस पर आने वाला वित्तीय भार संबंधित निकायों को स्वयं वहन करना होगा। अभी तक इन पेंशनरों को वर्ष 2006 के वेतनमान के आधार पर पेंशन मिल रही है। प्रतिनिधिमंडल में मीडिया प्रभारी सैनराम नेगी, शहरी स्थानीय निकाय सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह सेन, जिला सिरमौर प्रधान इकबाल परवेज, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सेन, जिला उपाध्यक्ष सुभाष ठाकुर, जिला मंडी प्रधान प्रवीण शर्मा और जिला शिमला के सुखदेव सिंह मट्ठू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शिव सिंह सेन ने मांग उठाई कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1994 और संबंधित सेवा नियमों के अनुरूप शहरी निकाय कर्मचारियों की पेंशन एवं भविष्य निधि का संचालन शहरी विकास विभाग के माध्यम से किया जाए। वहीं निदेशक ने बताया कि संबंधित कानूनी प्रावधानों और 16वें वित्त आयोग के लागू होने के बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।