अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग तेजी से नशे जैसी बुराइयों की ओर आकर्षित हो रहा है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दें और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखें। उन्होंने परिवारों से अपने घरों में पूजा स्थल पर धार्मिक ग्रंथ रखने और उनका नियमित अध्ययन करने की भी प्रेरणा दी। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से प्रवचनों का श्रवण किया और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे सत्संग भवन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ समाज और परिवार के प्रति अपने दायित्वों का भी संदेश दिया।