शिमला, 05 अगस्त (rhnn) : पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक टुटू की त्रैमासिक बैठक बुधवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ ही लंबित पेंशन संबंधी देयों के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष सत्य प्रकाश शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत हाल ही में दिवंगत हुए पेंशनर्स को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने से हुई। हेल्प एज ग्रुप के प्रभारी रणजीत राठौर ने वरिष्ठ नागरिकों को मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान कॉल, लिंक और ओटीपी साझा करने से बचना चाहिए, क्योंकि ठग सबसे अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। मुख्य अतिथि एवं हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा कि सरकार ने एक जनवरी 2016 से 31 जुलाई 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 40 प्रतिशत लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को शाहपुर (कांगड़ा) में संयुक्त संघर्ष समिति का सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबित डीए, कम्यूटेशन, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में पेंशनर्स आंदोलन तेज करेंगे। बैठक में महासचिव योगराज शर्मा ने एजेंडा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सैन राम नेगी, राजेश भंडारी, बालकृष्ण वर्मा, मस्तराम पंवार, कैलाश अग्रवाल, जगदेव गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने फीस वृद्धि के खिलाफ आयोजित की जनरल बॉडी बैठक, आंदोलन का किया स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के खिलाफ एक व्यापक जनरल बॉडी (GB) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू की गई फीस वृद्धि का एकजुट होकर विरोध किया। बैठक में उपस्थित छात्रों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे महंगा बनाकर छात्रों को शिक्षा से वंचित करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय शिमला में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत 3 से 5 अगस्त तक आशा कार्यकर्ताओं, धात्री माताओं और महिलाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने की। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद नवजात को माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यह शिशु का पहला प्राकृतिक टीका है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। उन्होंने पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने तथा इसके बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने पर जोर दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका ने कहा कि माँ का दूध शिशु के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए सर्वोत्तम आहार है।