बैठक में छात्रों ने कहा कि पहले से ही महंगाई और बढ़ते शिक्षा खर्च के कारण गरीब, ग्रामीण, पिछड़े वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे समय में फीस वृद्धि का निर्णय हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा हमला है। जनरल बॉडी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा तथा फीस वृद्धि के खिलाफ व्यापक छात्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लेता है तो एसएफआई धरना-प्रदर्शन, रैली, हस्ताक्षर अभियान और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलन को और तेज करेगी। बैठक के अंत में छात्रों ने एक स्वर में फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की और शिक्षा के अधिकार तथा सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की लोकतांत्रिक एवं जनपक्षीय व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।