उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थान राज्य की शैक्षणिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसलिए सरकार इन संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा आधुनिक आधारभूत अधोसंरचना के निर्माण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई प्रणाली शुरू करना, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाना, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने जैसे निर्णय हिमाचल को अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाएं प्रदान करने वाले अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सुझाव और उनकी प्रतिभा निश्चित रूप से नादौन को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने मुख्यमंत्री को नादौन के विकास के लिए अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।