प्रदर्शनकारियों ने चार लेबर कोड रद्द करने, मुक्त व्यापार समझौतों और भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, महंगाई-बेरोजगारी पर रोक, तहबाजारी नीति में बदलाव, नई शिक्षा नीति के विरोध, आउटसोर्स नीति बनाने तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि यह संघर्ष 26 नवंबर से देशभर में शुरू होने वाले बड़े आंदोलन की तैयारी है। उन्होंने सभी फसलों पर C2+50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी तथा किसानों की कर्जमाफी की मांग उठाई।