मंत्री ने अधिकारियों और परियोजना से जुड़ी एजेंसियों के प्रतिनिधियों से पाइपलाइन बिछाने, नए जल भंडारण टैंकों के निर्माण और सड़क पुनर्स्थापन की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता के साथ प्रभावित सड़कों और अन्य सतहों की बहाली भी समय पर सुनिश्चित की जाए। विश्व बैंक से वित्त पोषित इस परियोजना के तहत शहर की पुरानी पाइपलाइनों को आधुनिक और प्रेशरयुक्त नेटवर्क से बदला जा रहा है। नए जल भंडारण टैंक भी बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शिमला में सुरक्षित, विश्वसनीय और लगातार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था तैयार करना है। पैकेज-10 के तहत पांच क्षेत्रों में हो रहे कार्यों को शहर की भविष्य की जल जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एसजेपीएनएल, सुएज और टाटा की टीमें मौजूद रहीं।