शिमला, 21 अगस्त (rhnn) : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज चंडीगढ़ में आयोजित ‘देसी क्रेविंग्स हरियाणा महिला खाद्य उद्यमी विशेष’ कार्यक्रम का दौरा किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उपस्थित थीं। यह आयोजन नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कॉन्फेडरेशन ऑफ वूमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया, हरियाणा चैप्टर की संस्थापक-अध्यक्ष रुचिता बंसल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा की चयनित 50 महिला खाद्य उद्यमियों की उद्यमशीलता यात्रा और उनके उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस पहल ने महिला उद्यमियों को खरीदारों, मार्गदर्शकों और उद्योग जगत के प्रमुख लोगों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिला उद्यमियों से संवाद करते हुए राज्यपाल ने उनके उद्यम, रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रदर्शित करने तथा उन्हें बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए एक सार्थक मंच प्रदान करती है। कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि महिलाएं विकास की केवल लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति हैं। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार से आगे बढ़कर सतत एवं सफल उद्यम स्थापित करने, रोजगार सृजित करने और स्थानीय तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने वाला एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएमईजीपी, डीएवाय-एनआरएलएम, लखपति दीदी, नमो ड्रोन दीदी और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को ऋण, कौशल, बाजार और संस्थागत सहयोग तक पहुंच प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता तथा मुद्रा और अन्य उद्यमिता कार्यक्रमों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी महिला-नेतृत्व वाले विकास की विशाल संभावनाओं को दर्शाती है। 31 मार्च, 2026 तक 3.46 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूह सदस्यों को लखपति दीदी बनने में सक्षम बनाया जा चुका है, जबकि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब तक स्वीकृत ऋणों में लगभग दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों को प्रदान किए गए हैं। राज्यपाल ने युवाओं की सोच में बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की आकांक्षाएं केवल सरकारी या निजी नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता हमारी युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं का अभिन्न हिस्सा बननी चाहिए। कविन्द्र गुप्ता ने महिला उद्यमियों को हैंडहोल्डिंग, तकनीक, ब्रांडिंग, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए सरकारी संस्थानों, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थानों, मार्गदर्शकों और उद्यमिता मंचों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘देसी क्रेविंग्स’ जैसे आयोजन न केवल महिला उद्यमियों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करते हैं बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि सहयोग और बाजार के अवसर मिलने पर पारंपरिक कौशल, स्थानीय उत्पादों और हमारी समृद्ध पाक-कला विरासत को सफल व्यवसायों में बदला जा सकता है। राज्यपाल ने सभी प्रतिभागी महिला उद्यमियों और आयोजकों को महिला-नेतृत्व वाले विकास, उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल से और अधिक महिलाएं प्रेरित होंगी तथा वे अपने विचारों और कौशल को सफल उद्यमों में परिवर्तित करेंगी। इस अवसर पर आशीष मित्तल, नीति आयोग से अन्ना रॉय, विजय शर्मा और शिल्पा सपरा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।