शिमला, 22 अगस्त (rhnn) : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों द्वारा किए गए राष्ट्रगान के कथित अपमान के विरोध में आज जिला शिमला शहरी कांग्रेस कमेटी ने राजधानी में एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा के जनविरोधी और अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रगान (जन-गण-मन) पूरे देश की एकता, अखंडता और अस्मिता का प्रतीक है। विधानसभा जैसी पवित्र जगह पर, जहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा की कसम खाई जाती है, वहाँ विपक्ष के माननीय सदस्यों द्वारा राष्ट्रगान की गरिमा को ठेस पहुँचाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस विधायक दल पहले ही इस घटना पर गहरा दुख जता चुके हैं। सदन की तय परंपराओं को दरकिनार कर केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों का विवादों में घसीटना भाजपा की ओछी राजनीति को दर्शाता है। भाजपा माफी मांगे: शिमला शहरी कांग्रेस ने मांग की है कि भाजपा विधायक दल और उनके शीर्ष नेतृत्व को इस गंभीर गुस्ताखी के लिए तुरंत देश और हिमाचल प्रदेश की जनता से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। सदन की गरिमा बहाल हो: कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब भी राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का गायन होता है, प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का यह कर्तव्य है कि वह पूरी गरिमा के साथ खड़ा रहे। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमित नंदा , जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव दीपक सुंद्रियाल , उपाध्यक्ष रवि राणा कुश पाल सिंह,सत्या वर्मा, जय प्रकाश, मंगल बिष्ट ,नरेश गांधी,उमा वर्मा ,विशाल ठाकुर । धीरेंद्र गुप्ता बबलू , पार्षद चमन , गीतांजलि , विनोद भाटिया , अश्वनी कुठियाला।, महासचिव मुकेश भाटिया, दीक्षित जोगटा, विनोद कुमार ,सुमित गौतम , रोहित कश्यप , रवि दत्त । सचिव गुरविंदर सिंह, पुनीत कुमार, धीरज परमार संतोष शर्मा, संदीप बून , शशि,मोहित सेकरी, रंजीत कर्नल, मौजूद रहे। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों शिमला शहरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्षदों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने भाग लिया और एकजुट होकर राष्ट्रगान के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।