कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना ने कहा कि खेल केवल शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाते, बल्कि चरित्र निर्माण और अनुशासन भी सिखाते हैं। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से खेलों और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी गई। डॉ. जितेंद्र ठाकुर के समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्राओं को फिटनेस के साथ उत्कृष्टता की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।