उन्होंने कहा कि भारत की युवा प्रतिभा विश्व स्तर पर पहचान बना रही है, लेकिन नशा देश के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक भी नशे की पहुंच चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नशे के खिलाफ प्रतिबद्धता स्पष्ट है, लेकिन इस लड़ाई को केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। जयराम ने कहा कि जिस तरह देश नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती से निपटने में सफल हो रहा है, उसी तरह सामूहिक प्रयासों से नशे को भी समाप्त किया जा सकता है। आने वाले समय में नशा बीते समय की बात होगा। उन्होंने लोगों से नशामुक्त हिमाचल के लिए एकजुट होने की अपील की।