शिमला, 02 अक्टूबर (rhnn) : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज सोलन जिला के कसौली में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता अभियान संकल्प रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस पहल को बच्चों, परिवारों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश और सामूहिक संकल्प के रूप में रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और सैन्य विरासत के लिए प्रसिद्ध कसौली की पहचान वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस कदम से नशे की तस्करी पर अंकुश लगेगा जिससे युवा पीढ़ी और क्षेत्र की सामाजिक पहचान प्रभावित नहीं होगी। राज्यपाल ने कहा कि नशे की समस्या का सबसे चिंताजनक पहलू इसका युवाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से कहा कि वह बच्चों के व्यवहार में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान दें, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनें और उन्हें परिवार के सहयोग का भरोसा दिलवाएं। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विकराल चुनौती का रूप ले चुका है। नशे सेे व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए नशे केे तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों के उपचार, पुनर्वास और समाज की मुख्य धारा में उन्हें फिर से शामिल करने पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की तस्करी से संबंधित संगठित अपराध और कुछ मामलों में सीमा पार नेटवर्क से यह आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित का विषय बन जाता है।
पुलिस, सुरक्षा बलों, प्रशासन और जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से इस चुनौती का समाधान संभव नहीं है और प्रभावी परिणामों के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्कूलों में नियमित परामर्श, खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कसौली छावनी बोर्ड, सेना के जवानों और संस्थानों से भी अपने अनुभव, अनुशासन और मार्गदर्शन के माध्यम से इस अभियान में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट द्वारा संकल्प रथ यात्रा के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों, महिला समूहों, युवा संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गुलामी से बचाना पूरे समाज के सामने एक सामूहिक चुनौती है। इसमें अभिभावकों, शिक्षकों, चिकित्सकों, सशस्त्र बलों, पुलिस, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और स्वयं युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे को ‘ना’ कहने तथा अपनी ऊर्जा को खेल, योग, ज्ञान, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। सांसद सुरेश कश्यप ने नशा विरोधी अभियान आयोजित करने के लिए इस ट्रस्ट को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और परिवार अपने युवा बच्चों को खो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए अधिक समय देने का आग्रह किया। स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने राज्यपाल का अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वागत करते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने में शिक्षण संस्थानों और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए गंभीर खतरा बन गया है और इस चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अभियान में राज्यपाल की सहभागिता की सराहना की। इससे पहले उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी नवनीत गौरियाल ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा नशा विरोधी जागरूकता अभियान और ‘संकल्प रथ यात्रा’ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेय, उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राज किशोर, संरक्षक राज कुमार सिंगला, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर टेस्विन एवं अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।