शिमला, 03 अक्टूबर (rhnn) : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक समानता, शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी और नशे सहित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे व अपनी मांगें भी रखीं। एक छात्रा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण का आग्रह किया। छात्रा ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में दो स्थानों पर संचालित हो रहा है तथा एक स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां विद्यालय भवन का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मांग को स्वीकार करते हुए विद्यालय भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि भवन निर्माण के लिए इससे अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी। एक अन्य छात्रा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने राजनीति को ही देश सेवा का माध्यम क्यों चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजनीति के माध्यम से देश सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति को उसी क्षेत्र में कार्य करना चाहिए, जिसमें उसकी रुचि हो। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही उनकी रुचि राजनीति में रही है और राजनीति भी जनसेवा का एक माध्यम है।
एक विद्यार्थी ने सवाल किया कि यदि वह राजनीति में नहीं होते तो क्या करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खेती-बाड़ी करते। समाज में बढ़ती अमीर-गरीब की खाई से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने इसे चिंतनीय विषय बताया। उन्होंने कहा कि समाज में समानता आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
एक अन्य विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से उनके पसंदीदा भोजन के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हिमाचल के पारंपरिक स्थानीय व्यंजन पसंद हैं और सिड्डू उनका पसंदीदा व्यंजन है। एक विद्यार्थी ने पूछा कि क्या उन्होंने छात्र जीवन में कभी मुख्यमंत्री बनने के बारे में सोचा था। इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति जिस दिशा में कर्म और मेहनत करता है, उसी दिशा में रास्ते बनते जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। एक विद्यार्थी ने रामपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहा है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों को लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने की ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया और अवगत करवाया कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में सुधार कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूूटी को कम किया जाए ताकि वे विद्यार्थियों को अधिक समय दे सकें। एक छात्रा ने अपने स्कूल में हिंदी विषय के केवल एक शिक्षक होने का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि विद्यालय में करीब 150 विद्यार्थी हैं और एक अतिरिक्त हिंदी शिक्षक की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
एक छात्रा ने बताया कि वह पिछले सप्ताह राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित एक्सपोजर विजिट के तहत अयोध्या गई थी। उसने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दौरान उसे पहली बार हवाई यात्रा और नया अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। छात्रा ने पर्यटन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का उल्लेख करते हुए हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति, देवी-देवताओं के अनेक धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम हमारे आराध्य हैं और इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अयोध्या एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और राज्य सरकार पर्यटन से जुड़ी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है और विद्यार्थियों को इसका पालन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन जीवन का सबसे अच्छा समय होता है। विद्यार्थियों को इस समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। संवाद कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर से ‘एंटी चिट्टा’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं भी रैली में शामिल हुए।
‘एंटी चिट्टा’ रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने हाथों में नशा विरोधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर नशे के खिलाफ नारे लगाए। रैली चौधरी अड्डा से होते हुए मुख्य बाजार पहुंची और वापस स्कूल मैदान में समाप्त हुई। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर महाधिवक्त्ता अनूप रत्न, अध्यक्ष हिमकोन विकेश चौहान, अध्यक्ष मिल्कफेड बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, पूर्व विधायक किशोरी लाल, कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष परस राम, कांग्रेस नेता बृज लाल, मंडल अध्यक्ष लालचंद शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।