इसके लिए 9 से 19 मार्च तक प्रदेशभर में जत्था निकालने, नुक्कड़ नाटक करने और गांव-गांव अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। जत्था पांवटा साहिब से शुरू होकर रोहड़ू, रामपुर, कुल्लू, धर्मशाला, चंबा, ऊना, सोलन होते हुए शिमला में समाप्त होगा।
बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों, लेबर कोड, बिजली विधेयक 2025, स्मार्ट मीटर, मनरेगा में कटौती और राजस्व घाटा ग्रांट बंद करने का विरोध किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन नीतियों से किसान-बागवान, मजदूर, कर्मचारी, पेंशनर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। जनजागरण अभियान के जरिए जनता को संगठित करने का आह्वान किया गया।