उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से सत्संग से जोड़ें ताकि उनमें अच्छे संस्कार विकसित हो सकें। कार्यक्रम में हाल ही में कुल्लू में आयोजित एनवाईएस कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया, जिसमें युवाओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने पर बल दिया गया था। हेमराज भारद्वाज ने प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से शेख फरीद और प्रहलाद के जीवन उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि बचपन में दी गई छोटी-छोटी धार्मिक प्रेरणाएं आगे चलकर मजबूत संस्कारों का आधार बनती हैं और जीवन को सफल बनाती हैं। इस अवसर पर अश्वनी वर्मा ने आई हुई समस्त साध संगत का स्वागत एवं अभिनंदन किया। पूरा समागम बच्चों की प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक संदेशों से सराबोर रहा, जिसमें प्रेम, मानवता और सद्भावना का सशक्त संदेश दिया गया।