शिमला, 21 जून (rhnn) : भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), शिमला द्वारा चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), शिमला के सहयोग से रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के अध्येता, अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिसमें योग को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा सम्पूर्ण योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों के साथ सहभागिता की।
इसके उपरांत चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र, एसएसबी, शिमला के प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों श्री पुष्पेन्द्र कुमार तथा श्री रामपाल द्वारा आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया गया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन सहित विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का क्रमबद्ध अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक अभ्यास की सही तकनीक, उसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों तथा दैनिक जीवन में उसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक सुदृढ़ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र, एसएसबी, शिमला के कमांडेंट डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रपति निवास के प्राकृतिक एवं शांत वातावरण में आयोजित इस सामूहिक योगाभ्यास ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, एकाग्रता और आत्मानुशासन के महत्व का अनुभव कराया।

