शिमला, 10 जुलाई(rhnn) : हिमाचल प्रदेश सचिवालय के पांच प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी महासंघ का गठन कर दिया है। महासंघ का उद्देश्य सचिवालय कर्मचारियों की साझा एवं लंबित मांगों को सरकार और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाना तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना रहेगा। महासंघ के गठन को लेकर सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं राजपत्रित अधिकारी संगठन, सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन, निजी सहायक/निजी सचिव संगठन, चालक संगठन तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से पांचों संगठनों को एक मंच पर लाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राजेंद्र सिंह (मियां) को महासंघ का अध्यक्ष तथा विजेंद्र सिंह को प्रधान सचिव चुना गया। इसके अलावा गीता देवी को मुख्य सलाहकार बनाया गया। ज्योति चौहान और तुलसी राम को सलाहकार, जबकि मोहिंदर शर्मा और संदीप कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। ललित कुमार शर्मा, रविंद्र जोड़ता और नरेंद्र ठाकुर को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। कुलदीप शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया। अन्य सभी संबद्ध संगठनों के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, कार्यकारिणी सदस्य, ऑडिटर और प्रेस सचिव महासंघ की कार्यकारिणी का हिस्सा होंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि सचिवालय कर्मचारियों की सभी सामान्य और लंबित मांगों को अब महासंघ के माध्यम से सरकार और प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेंद्र सिंह (मियां) ने कहा कि महासंघ का मुख्य उद्देश्य सचिवालय कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को पूरा करवाना और उनके हितों की प्रभावी ढंग से पैरवी करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार कर्मचारियों की लंबित और जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। बैठक में पांचों कर्मचारी संगठनों के सभी पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।

