शिमला, 04 अगस्त (rhnn) : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि वापस लेने और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। एबीवीपी का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई फीस वृद्धि से सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। परिषद ने मांग की कि फीस वृद्धि का फैसला तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही विश्वविद्यालय में लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनाव भी शीघ्र बहाल किए जाएं, ताकि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके।
धरने को संबोधित करते हुए एबीवीपी इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्र हितों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फीस बढ़ाकर शिक्षा का व्यवसायीकरण किया जा रहा है और छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। परिषद के अनुसार, क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन इकाई मंत्री सुशील शर्मा और इकाई सह मंत्री अभिषेक शर्मा ने भाग लिया था, जबकि दूसरे दिन इकाई उपाध्यक्ष अक्षय ठाकुर और इकाई उपाध्यक्ष अंकुश वर्मा भूख हड़ताल पर बैठे। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।

