शिमला, 11 अक्टूबर (rhnn) : लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवी-देवताओं की भूमि है यहां के स्थानीय मेले सदियों से पुरातन संस्कृति एवं देव परंपराओं व धरोहरों को संजोए रखने में अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं।विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवला के घराटनाला में शहीद नरेश कुमार की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय मेले के समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद नरेश कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नरेश कुमार 1999 में कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान देश के 527 जवान शहीद हो गए थे जिसमें जिला शिमला से 4 जवानों ने शहादत दी थी। उन्होंने कहा कि जब नरेश कुमार का पार्थिव शरीर यहां उनके गांव में पहुंचा था तो स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे महान सपूतों के नाम से मेला आयोजित करवाना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि आज उन सभी वीर सपूतों को याद करने का समय है जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाई है।उन्होंने कहा कि देवला पंचायत का शहीद नरेश कुमार के नाम पर आयोजित यह दो दिवसीय मेला पुरातन संस्कृति के साथ पिछले काफी समय से मनाया जा रहा है जिसके लिए उन्होंने मेला आयोजन समिति ठेला को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि घराट नाला में शहीद नरेश कुमार का स्मारक बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का हर गांव को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सड़कों के विस्तारीकरण पर जोर दिया जा रहा है। उन्होनें कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सड़को के रखरखाव व ग्रामीणों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चौथा परगना क्षेत्र की दो सड़कों के निर्माण कार्य जारी है जिस पर लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खटनोल से मझीवड़, दसयाडी से कांगयाली मजयूड-जावन तथा चौथा परगना खटनोल की अन्य 5 सड़कों के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है जिनके निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान देवला पंचायत के विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, देवला पंचायत के खेल मैदान के निर्माण के लिए 15 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि सुन्नी में हिमाचल पथ परिवहन निगम का सब डिपो खोलने पर विचार किया जा रहा है ताकी सुन्नी क्षेत्र तथा आसपास के क्षेत्र की बसों की आवाजाही सुन्नी से ही की जा सके।
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 25 अक्टूबर से खेलों का महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है जिसमें 5000 से अधिक युवा खिलाड़ी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित करवाई जा रही है। खेल महाकुंभ में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने व उनके मनोरंजन के लिए महिलाओं की कबड्डी, बैडमिंटन, रस्साकस्सी तथा मॉडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने युवक मंडलों तथा महिला मंडलों से खेल महाकुंभ में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए शीघ्र पंजीकरण करवाने का आह्वान किया। उन्होंने देवला पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए 6 लाख रूपए की राशि देने तथा मेले के सफल आयोजन के लिए मेला समिति ठेला को 31 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा भी की । इस दो दिवसीय मेले में स्कूली बच्चों तथा महिला मंडलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाई गई। मुख्य अतिथि ने खेल प्रतियोगिताओं में विजेता व उप-विजेता रही टीमों को पारितोषिक देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, बीडीओ बसंतपुर नरेन्द्र नेगी, पंचायत समिति बसंतपुर की अध्यक्ष कौशल्या शर्मा, नगर पंचायत सुन्नी अध्यक्ष सत्या वर्मा, मंडल कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, पंचायत समिति सदस्य राकेश शर्मा, युवा कांग्रेस कमेटी ब्लॉक अध्यक्ष अरुण ठाकुर, ग्राम पंचायत देवला प्रधान धनवंत शर्मा, अध्यक्ष मेला कमेटी भूपेंद्र वर्मा, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष प्रकाश कमल, पूर्व महिला कांग्रेस महामंत्री अनीता शर्मा, आसपास की पंचायतों के पंचायत प्रधान एवं अन्य प्रतिनिधि, मेला कमेटी के सभी प्रतिनिधि, युवक मंडल प्रधान व समस्त सदस्य, बीडीओ मशोबरा अंकित कोटिया, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

