RHNN
Uncategorizedट्रेंडिंग न्यूज़युवात्मालोकमंच

संगठन का उद्देश्य छात्रों के हित और उनकी शैक्षणिक प्रगति : SFI

शिमला, 16 नवंबर (RHNN) : SFI (स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय के मुख्य लाइब्रेरियन से विस्तृत वार्ता की और विश्वविद्यालय लाइब्रेरी की वर्तमान स्थिति, छात्रों की आवश्यकताओं तथा अध्ययन-सुविधाओं में सुधार को लेकर अपनी महत्वपूर्ण मांगें औपचारिक रूप से प्रस्तुत कीं। बैठक का उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी के संपूर्ण वातावरण को अधिक सक्षम, सुरक्षित और आधुनिक बनाना था। SFI इकाई ने लाइब्रेरी को किसी भी विश्वविद्यालय का बौद्धिक केंद्र बताते हुए कहा कि यह स्थान सिर्फ किताबें पढ़ने का नहीं बल्कि विचार निर्माण, ज्ञान-वृद्धि और शोध की नींव तैयार करने का केंद्र है। इसलिए लाइब्रेरी में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं तथा वातावरण का उन्नत होना विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करता है। इसी दृष्टि से SFI ने निम्नलिखित तीन मुख्य मांगें रखीं, जिनका सीधा संबंध छात्रों के हित और उनकी शैक्षणिक प्रगति से है।

लाइब्रेरी में सेंट्रल हीटिंग सिस्टम की स्थापना SFI ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एक पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है, जहाँ शीतकाल में तापमान काफी नीचे चला जाता है। ऐसी परिस्थितियों में लाइब्रेरी में लंबे समय तक अध्ययन करना छात्रों के लिए बेहद कठिन हो जाता है। मौजूदा समय में लाइब्रेरी में हीटिंग से संबंधित पर्याप्त प्रबंध उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। संगठन ने बताया कि सेंट्रल हीटिंग सिस्टम लगाने से न केवल छात्रों को आरामदायक अध्ययन वातावरण मिलेगा, बल्कि शोधार्थियों और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की अध्ययन-क्षमता और समय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह सुविधा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और मज़बूत करेगी और इसे आधुनिक संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करेगी। SFI ने कहा कि सेंट्रल हीटिंग सिस्टम को लगाना सिर्फ सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि छात्रों की बुनियादी आवश्यकता और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ठंड के मौसम में कई छात्र लंबे समय तक लाइब्रेरी में बैठ नहीं पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है

जनरल सेक्शन को 24 घंटे खुला रखने की मांग : बैठक में SFI ने यह जोरदार मांग रखी कि विश्वविद्यालय लाइब्रेरी के जनरल सेक्शन को 24 घंटे खुला रखा जाए। संगठन ने कहा कि यह एक ऐसा कदम होगा जो पूरे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। वर्तमान में 24×7 सेक्शन मौजूद है, परंतु जनरल सेक्शन की सीमित समय-सारिणी के कारण कई छात्र अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप लाइब्रेरी का उपयोग नहीं कर पाते। SFI ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों, पाठ्यक्रमों और विभागों के छात्र पढ़ते हैं, जिनकी कक्षाओं, असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन, शोध कार्य तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अनुसार अध्ययन का समय अलग-अलग होता है। ऐसे में 24 घंटे उपलब्ध जनरल सेक्शन छात्रों को अपनी सुविधानुसार अध्ययन का अवसर प्रदान करेगा। संगठन ने कहा कि देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालय—जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय, JNU, पंजाब विश्वविद्यालय आदि—में लाइब्रेरी के बड़े हिस्से छात्रों के लिए लगभग 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भी इसी दिशा में कदम उठाकर छात्रों के लिए अधिक प्रगतिशील और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकता है।

लड़कियों को 24×7 सेक्शन में पूरे 24 * घंटे बैठने की अनुमति प्रदान की जाए : SFI ने एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के 24×7 सेक्शन में लड़कियों को पूरे 24 घंटे बैठने की अनुमति नहीं है। संगठन ने इसे समान अवसर, सुरक्षा और लैंगिक न्याय के दृष्टिकोण से अनुचित और पुरानी सोच पर आधारित बताया। SFI ने स्पष्ट कहा कि आधुनिक विश्वविद्यालयों में अध्ययन सुविधाओं पर लैंगिक प्रतिबंध न केवल असंगत है, बल्कि यह महिला छात्रों के शैक्षणिक अधिकारों का हनन भी है। लड़कियाँ शोध, NET/SET C Exam की तैयारी, और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन तभी कर सकती हैं जब उन्हें भी लड़कों की तरह समान और सुरक्षित अध्ययन माहौल 24 घंटे उपलब्ध हो। संगठन ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सुरक्षा के नाम पर प्रतिबंध लगाने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करे, CCTV कैमरों, सुरक्षा कर्मियों तथा राउंड-द-क्लॉक निगरानी की व्यवस्था बढ़ाए, जिससे लड़कियाँ बिना डर और बाधा के 24×7 सेक्शन का उपयोग कर सकें।

SFI का प्रशासन से आग्रह और भविष्य की रूपरेखा : SFI ने लाइब्रेरियन को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से अनुरोध किया कि इन मांगों पर शीघ्र, ठोस और सकारात्मक कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि ये मांगें किसी राजनीतिक लाभ या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि छात्र समुदाय के वास्तविक और दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर उठाई गई हैं। SFI ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन इन मांगों को गंभीरता से नहीं लेता, तो SFI संवाद, जागरूकता अभियान, पब्लिक मीटिंग्स और आवश्यक होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की राह भी अपनाएगा। संगठन ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज़ को मजबूती से प्रशासन तक पहुँचाना और विश्वविद्यालय को एक बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करना है। अंत में SFI ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की इन महत्वपूर्ण समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय करेगा। SFI ने कहा कि वे भविष्य में भी छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे।

Related posts