शिमला , 07 दिसंबर 25 (RHNN): सीटू हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक आज मंडी में कॉमरेड तारा चन्द भवन में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मैहरा ने की जिसमें आंगनबाड़ी, मिड डे मील, निर्माण, मनरेगा, एसटीपी, एम्बुलेंस कर्मचारी, हाईडल, सड़क, आउटसोर्स वर्करज यूनियनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर के अलावा राज्य महासचिव प्रेम गौतम उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह,जगत राम, केवल सिंह, जोगिन्दर कुमार,राजेश ठाकुर, चमन लाल, राजेश शर्मा, गुरदास वर्मा, सुदेश ठाकुर,नीलम जसवाल, बिमला शर्मा, सुदर्शना, अंजुला, हिमी देवी,पूनम देवी, शांति देवी, निशा,विजय शर्मा, नरेंद्र कुमार, अमित, अजय दुल्ता, मोहित, राकेश कुमार, बालक राम, सुरेंद्र कुमार सहित 45 कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने 21 नवंबर को चार लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है जिसमें श्रम क़ानूनों के तहत आज़ादी से पहले औऱ बाद में 28 विभिन्न कानूनों के तहत मिले अधिकारों को समाप्त कर दिया गया है और बड़ी कंपनियों और पूंजीपतियों को मज़दूरों को लूटने के लिए खुली छूट दे दी गई है।इन श्रम कोडों के लागू होने पर अब मज़दूरों को नॉकरी से निकालने की कम्पनियों का रास्ता साफ कर दिया गया है।अब श्रम न्यायालयों को ख़त्म कर दिया गया है और विभाग के अधिकारी किसी भी प्रकार के निर्णय मज़दूरों के पक्ष में नहीं ले सकेंगे और उनकी भूमिका अब निरीक्षक की जगह फेसीलिटेटर की ही होगी।यूनियन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल मज़दूरों का इक्यावन प्रतिशत सदस्य्ता होने की शर्त रखी गई है और यूनियनों को रद्द करने का अधिकार बढ़ा दिया गया है।जिससे कम्पनियां अपनी मनमर्ज़ी से मज़दूरों को काम पर रखेंगी और निकालेंगी।इसके अलावा केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है और एयरलाइंस, कोयला खदानों व अन्य सार्वजनिक क्षेत्र को निजी क्षेत्र में देने की मुहिम तेज़ हो गई है और कई राज्यों में जल जंगल और ज़मीन बड़े बड़े पूंजीपतियों को दिए जा रहे हैं।यही कारण है कि ईंन श्रम कोडों का कम्पनियां और पूंजीपति स्वागत कर रहे हैं।श्रम क़ानूनों को रद्द करके लागू किये गए कोडों के विरोध में प्रदेशव्यापी अभियान और सँघर्ष छेड़ने का निर्णय लिया गया और 19 दिसंबर को ज़िला स्तर पर इसके खीलाफ़ प्रदर्शन किए जाएंगे।इसके अलावा 10 दिसंबर को आंगनवाड़ी वर्करज यूनियन अपनी मांगों को लेकर सभी ज़िला व परियोजना स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार ग्रेच्यूटी जारी न होने के विरोध में भी सँघर्ष छेड़ने की योजना तैयार की गई।मनरेगा और निर्माण मज़दूरों को पिछले चार साल की लंबित वित्तिय सहायता जारी न होने के विरोध में बोर्ड द्धारा 31 दिसंबर तक पचास प्रतिशत लाभ जारी करने के लिए निर्धारित समय सीमा तय की गई थी लेकिन अभी तक मज़दूरों को वित्तिय सहायत जारी नहीं हुई है इसलिए हमीरपुर में बोर्ड ऑफ़िस पर निरन्तर डेरा डालो-घेरा डालो सँघर्ष जनवरी माह के अंत से शुरू किया जाएगा।वहीं मनरेगा मज़दूरों को सौ दिन का काम न मिलने के विरोध में तथा काम के दिन दो सौ और मज़दूरी पांच सौ दैनिक करने की मांग को लेकर 15 जनवरी से अभी खंडों में अभियान चलाया जाएगा और सामुहिक तौर पर रोज़गार के लिए आवेदन किये जायेंगे।इसके अलावा एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में करने का भी निर्णय लिया गया जिसकी दिनाँक यूनियन की राज्य कमेटी में में तय की जाएगी।आउटसोर्स मज़दूरों को पक्का करने के लिए पालसी बनाने तथा हिमाचल सरकार द्धारा सेवा मित्रों की भर्ती की जगह स्थायी तौर पर नियुक्तियाँ करने की मांग भी उठायी गयी। एनएच व अन्य निर्माण कार्यों में हिमाचली मज़दूरों को सत्तर प्रतिशत रोज़गार देने की भी मांग की गई।

