शिमला, 15 जून 26 (RHNN) : हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद् ने प्रदेश में दुकानदारों, विशेषकर हलवाइयों और रेहड़ी-फड़ी धारकों द्वारा खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर या उस पर परोसने की प्रथा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। परिषद् ने इसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है। परिषद् के अध्यक्ष जोगेन्द्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने संयुक्त बयान में कहा कि समोसे, पकौड़े, जलेबी, परांठे और टिक्की जैसे खाद्य पदार्थों को अखबार में परोसना न केवल गलत है, बल्कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार पूरी तरह प्रतिबंधित भी है।
उन्होंने बताया कि अखबार में उपयोग होने वाली रीसायकल पेपर सामग्री में विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो भोजन के माध्यम से शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं। इसके अलावा अखबार की छपाई में प्रयुक्त स्याही में मौजूद हानिकारक रसायन गर्म भोजन के संपर्क में आने पर पिघलकर खाद्य पदार्थों में मिल सकते हैं, जिससे पेट संबंधी बीमारियां, लिवर-किडनी को नुकसान और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम जैसे कैंसर तक का खतरा बढ़ सकता है। परिषद् ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से प्रदेशभर में औचक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अखबार पर परोसे गए भोजन को स्वीकार न करें और जागरूकता के माध्यम से इस प्रथा को रोकने में सहयोग दें।

