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नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मंडी/शिमला, 15 जुलाई(rhnn) : श्री लाल बहादुर शास्त्री (एसएलबीएस) राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक के सभागार में राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) हिमाचल प्रदेश द्वारा ‘अंगदान जीवन संजीवनी अभियान’ के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, प्रचलित भ्रांतियों को दूर करना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस जीवनदायी मुहिम से जोड़ना था।

‘अंगदान जीवन संजीवनी अभियान’ के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (SOTTO) हिमाचल प्रदेश की टीम ने श्री लाल बहादुर शास्त्री (एसएलबीएस) राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार भावानी तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रति राम नेगी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अंगदान एवं ऊतक दान को बढ़ावा देने, अस्पताल स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य में संयुक्त रूप से विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। सोटो की टीम ने अंगदान के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जा सकती है।

प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार भावानी ने सोटो हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘अंगदान जीवन संजीवनी अभियान’ की सराहना करते हुए इस जनहितकारी पहल के लिए अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज भविष्य में भी अंगदान जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं जनसहभागिता अभियानों में सक्रिय सहयोग प्रदान करेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंच सके। इसके बाद SOTTO हिमाचल प्रदेश के पूर्व संयुक्त निदेशक एवं वर्तमान में एसएलबीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज के अस्पताल प्रशासन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोमिन धीमान ने मुख्य वक्ता के रूप में अंगदान विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अंगदान की पूरी प्रक्रिया, मस्तिष्क मृत्यु (ब्रेन स्टेम डेथ), कानूनी प्रावधान, अंगदान की पात्रता तथा प्रत्यारोपण की व्यवस्था को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया।

डॉ. धीमान ने बताया कि एक मृत अंगदाता कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा है। उन्होंने अंगदान से जुड़ी आम भ्रांतियों, जैसे धार्मिक मान्यताओं, अंगों के दुरुपयोग तथा चिकित्सा संबंधी गलतफहमियों का वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निराकरण किया। इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन विभाग के पदाधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अंगदान से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. धीमान ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। अपने संबोधन में डॉ. शोमिन धीमान ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की कि वे स्वयं अंगदान के प्रति जागरूक बनें और समाज में भी इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अंगदान के महत्व को समझे और इसके लिए आगे आए, तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकता है। कार्यक्रम का समापन अंगदान को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के संकल्प के साथ हुआ।

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